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Saturday, October 7, 2017

प्रेमी काट रहा था उसके पूरे परिवार को और वह सीढिय़ों में खड़ी देखती रही

ताइक्वांडों की इस खिलाड़ी ने जो किया उससे पूरा खेल ही बदनाम हो गया


अलवर। ताइक्वांडो खेल है साहस का। हिम्मत का। लेकिन यदि इस खेल का खिलाड़ी पटरी से उतर जाए तो तबाही मचा सकता है। तबाही की इस आग में उसका परिवार भी जल सकता है। यह कहानी है एक ऐसी ही ताइक्वांडो खिलाड़ी की। जो रस्ते से ऐसी उतरी कि उसका सब कुछ तबाह हो गया।

कौन है वह खिलाड़ी

यह केवल खिलाड़ी ही नहीं बल्की खूबसूरत युवती भी है। राजस्थान के अलवर जिले के शिवाजी पार्क निवासी इस 36 वर्ष की युवती संतोष शर्मा को ताइक्वांडो का शौक था। इस शौक के लिए इसने कोचिंग ज्वाइन की। इस कोचिंग में बडोदामेव का 25 वर्ष का युवक हनुमान चौधरी उर्फ जैक कोचिंग देता था। दोनों के बीच खेल के साथ प्रेम का खेल भी ऐसा परवान चढ़ा कि दोनों को आगे पीछे की सुध बुध नहीं रही।

आगे क्या हुआ

संतोष विवाहित थी। उसके पति का नाम था बनवारी लाल शर्मा और उसके तीन बच्चे थे। बड़ा बेटा था 17 साल का अमन उर्फ मोहित इससे छोटा था 15 वर्ष का हैपी और इससे छोटा था 12 साल का अज्जू। जब मां की प्रेम कहानी का पता अमन को चला तो उसने विरोध किया। पिता बनवारी लाल शर्मा ने भी बेटे का साथ देते हुए संतोष को गलत राह पर नहीं चलने के लिए समझाया। इस बात को लेकर घर में क्लेश रहने लगा।

क्लेश से कैसे तबाह हुआ घर

जब क्लेश बढऩे लगा तो संतोष ने प्रेमी हनुमान के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का षडय़ंत्र रच डाला। इस षडयंत्र में हनुमान ने अपने साथियों कपिल पुत्र बनवारी लाल धोबी निवासी गाजूकी थाना मालाखेड़ा और दीपक पुत्र मांगेलाल धोबी निवासी डीग जिला भरतपुर को भी शामिल कर लिया। तीनों मिलकर अब बनवारी को रास्ते से हटाने का मौका देखने लगे।

दो अक्टूबर की काली रात

तीनों मिलकर दो अक्टूबर की रात को संतोष के घर पहुंचे। संतोष ने पहले ही अपने पति बनवारी को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर सुला दिया था और मकान का दरवाजा अंदर से खुला छोड़ दिया। तीनों ने अंदर आकर अपने साथ लाए छुरे से बनवारी का गला रेत दिया। इस बीच अमन और अन्य बच्चे भी जाग गए तो उन्हें भी मार डाला। इन तीन बच्चों के साथ बनवारी का भतीजा दस वर्ष का निक्की उर्फ नितिन भी सो रहा था। बदमाशों ने उसे भी मार डाला। पांच हत्या करने के बाद बदमाश फरार हो गए।

सीढ़ी में खड़ी देखती रही पति और बच्चों की हत्या का खेल

इस बीच संतोष सीढिय़ों में खड़ी बनवारी और बच्चों की हत्या का खेल देखती रही। उसका दिल नहीं पसीजा। हत्या के बाद उसने अपनी स्कूटी की चाबी और तीन हजार रुपए प्रेमी और उसके साथियों को दिए और फरार कर दिया। बदमाश स्कूटी को अलवर रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए। हनुमान उदयपुर चला गया। लेकिन पुलिस ने ताइक्वांडो खिलाड़ी संतोष सहित सभी चारों बदमाशों को दबोच लिया है। अब वे सलाखों के पीछे हैं।

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